
इतना प्यार और सपोर्ट हमसे सुशांत को पहले दिया होता तो शायद वो आज हमारे बीच होते। बहुमुखी प्रतिभा के धनी, सुशांत का अभिनय और से अलग तथा बिल्कुल नेचुरल है जैसे लगता ही नहीं की वो एक्टिंग कर रहे हो, लगता है जैसे वो जी रहे हो उस पल को, उस अभिनय को। उनके इस तरह से हम सभी के बीच से चले जाना तथा आखरी मूवी में भी किजी बासु को ये कहना कि ‘राजा मर गया तो क्या हुआ, जब तक रानी है उसकी कहानी जिंदा हैं’, क्या ये महज एक संयोग है? उम्मीद करता हूं उनकी आत्महत्या की गुत्थी जल्द ही सुलझ जाए। आप हमारे बीच हमेशा रहेंगे सुशांत क्योंकि अच्छे लोग कभी मरते नहीं वो अमर हो जाते है।