घर से आते वक्त।

मन भारी है। इसलिए नही की बारिश ने एक बार फिर मुझे रोकने की कोशिश की अपितु इसलिए क्योंकि एक बार फिर घर- परिवार को टाटा कहना है। एक मां है जिसे आज मैने सबसे ज्यादा क्रियाशील पाया क्योंकि वो मेरे जाने की त्यारियां में व्यस्त है। एक पिता है जो हमेशा की तरह आज … Continue reading घर से आते वक्त।